मोबाइल वेटनरी यूनिट बनी पशुपालकों का सहारा
बलरामपुर : मुख्यमंत्री की मंशानुरूप पशुपालकों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट जिले में लगातार प्रभावी साबित हो रही है।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा
पैर से फ्रैक्चर घायल पशु को घर पहुंच मिली उपचार सुविधा
टोल फ्री नंबर पर सूचना मिलते ही पहुंची टीम
मुश्किल घड़ी में मिली त्वरित मदद
बलरामपुर : मुख्यमंत्री की मंशानुरूप पशुपालकों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट जिले में लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इस सेवा के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीमार एवं घायल पशुओं का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को न केवल आर्थिक राहत मिल रही है बल्कि उनके पशुधन का संरक्षण भी हो रहा है।
जिले में संचालित यह सेवा पशुपालकों के लिए भरोसे का माध्यम बन चुकी है। विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत जौराही के पशुपालक श्री अमरेश कुशवाहा का बैल अचानक गंभीर रूप से घायल हो गया। बैल के एक पैर में गंभीर चोट लगने से वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था। पशु की स्थिति को देखते हुए श्री कुशवाहा ने तत्काल पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सहायता की मांग की।
सूचना प्राप्त होते ही मोबाइल वेटनरी यूनिट की टीम बिना विलंब आवश्यक चिकित्सा उपकरणों एवं दवाइयों के साथ पशुपालक के घर पहुंची। टीम ने बैल का गहन चिकित्सकीय परीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि उसके आगे वाले पैर में फ्रैक्चर है। स्थिति का आकलन करने के बाद चिकित्सकीय टीम ने मौके पर ही आवश्यक उपचार प्रारंभ किया तथा बैल के पैर में प्लास्टर कर उसे स्थिर किया। साथ ही संक्रमण से बचाव एवं शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक दवाइयां दी गई तथा पशुपालक को उपचार के बाद बरती जाने वाली सावधानियों एवं देखभाल संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई।
समय पर मिली चिकित्सकीय सहायता से बैल को तत्काल राहत मिली। पशुपालक श्री अमरेश कुशवाहा ने बताया कि यदि मोबाइल वेटनरी यूनिट समय पर नहीं पहुंचती तो घायल बैल को अस्पताल तक ले जाना अत्यंत कठिन एवं खर्चीला होता। उन्होंने कहा कि घर पर ही विशेषज्ञ पशु चिकित्सकीय सेवा मिलने से उनका समय, श्रम और आर्थिक व्यय में बचत हुई है। उन्होंने इस त्वरित एवं निःशुल्क सेवा के लिए पशुधन विकास विभाग और मोबाइल वेटनरी यूनिट की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा ग्रामीण पशुपालकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पशुओं के उपचार, टीकाकरण, आपातकालीन चिकित्सा, परामर्श तथा अन्य पशु स्वास्थ्य सेवाएं घर पहुंचकर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पशुओं की समय पर चिकित्सा सुनिश्चित हो रही है पशुधन विकास विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के बीमार होने अथवा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में बिना विलंब टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क करें, ताकि मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके और पशुधन को सुरक्षित रखा जा सके।
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