’अफवाहों से बचें- एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, शासन ने जारी किए सख्त निर्देश’
कोरिया : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा 13 मार्च 2026 को हुई समीक्षा के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता और वितरण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा
’समस्या व शिकायत के समाधान के लिए टोलफ्री व मोबाइल नम्बर जारी’
कोरिया : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा 13 मार्च 2026 को हुई समीक्षा के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता और वितरण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
’अफवाह या दुष्प्रचार से प्रभावित न हों’
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ऑयल कंपनियों के पास तीनों ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाह या दुष्प्रचार से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है। अनावश्यक रूप से एलपीजी की बार-बार बुकिंग या पेट्रोल-डीजल का संग्रहण करने से बचने की अपील की गई है।
’दैनिक निगरानी और सख्त नियंत्रण’
खाद्य विभाग द्वारा एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। जिलेवार स्टॉक, वितरण और शेष मात्रा की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अवैध भंडारण और दुरुपयोग पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा नियमित जांच और छापेमारी की जा रही है। किसी भी अनियमितता पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
’शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश’
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-233-3663, 1967 या राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम 0771- 2511975 व कोरिया जिला में कंट्रोल कक्ष स्थापित किया गया है जहाँ 7648093823 पर संपर्क कर सकते हैं। सभी शिकायतों का निराकरण 24 घंटे के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
’एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह’
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित अंतराल के अनुसार ही रिफिल बुकिंग कराएं। नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल निर्धारित है। अफवाहों के कारण बार-बार बुकिंग करने से बचने की अपील की गई है।
’व्यावसायिक उपयोग पर विशेष दिशा-निर्देश’
व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति वर्तमान में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल एवं शैक्षणिक संस्थानों को दी जा रही है। साथ ही, बिना लाइसेंस 100 किलोग्राम से अधिक एलपीजी भंडारण पर प्रतिबंध है। होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों को गैस की बचत के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और सीमित मेन्यू अपनाने की सलाह दी गई है।
’जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती’
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
’जन-जागरूकता पर जोर’
सभी गैस एजेंसियों और उचित मूल्य दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी बुकिंग, वितरण और सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करें, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके।
कलेक्टर व जिलादण्डाधिकारी श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
thenewsindia@gmail.com