अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार प्रकरणों की समीक्षा, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के दिए गए सख्त निर्देश

बेमेतरा : जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए आज जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन में जिला पंचायत के सभागृह

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार प्रकरणों की समीक्षा, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के दिए गए सख्त निर्देश

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा

राहत एवं सहायता राशि समय पर उपलब्ध कराने और कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने पर विशेष जोर

बेमेतरा : जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए आज जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन में जिला पंचायत के सभागृह में आयोजित हुई, जिसमें जिला पंचायत सीईओ हेमलता पदमाकर ने बैठक ली इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को शासन द्वारा निर्धारित राहत एवं सहायता राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पीड़ितों, उनके आश्रितों एवं साक्षियों को यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, भरण-पोषण सहायता तथा आवश्यक परिवहन सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना सहित अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए और स्वीकृति से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।

सीईओ ने यह भी निर्देश दिए कि अत्याचार से संबंधित मामलों में अपराध की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस अधिकारी तत्परता से अपराध दर्ज करें, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए तथा विशेष न्यायालय में समय पर चालान प्रस्तुत किया जाए। साथ ही विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और अपील योग्य मामलों में समय पर अपील की कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के अंत में सीईओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को न्याय, सुरक्षा और शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिलना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।